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रामदूत रिस्टोर्स
जनवरी 2024
संकल्प लिया गया
भारत की पावन धरती पर 108 प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार और उन्हें धर्म व संस्कृति के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया गया। रामदूत रिस्टोर्स कोई संस्था नहीं, बल्कि एक पुकार थी, और इस देश के युवाओं ने उसका उत्तर दिया।
पहला मंदिर, पहली ज्योति
यात्रा की शुरुआत हमारी पहली परियोजना RR1 से हुई: महाराष्ट्र के भंडारा में 350 साल पुराना एक मंदिर। कभी औरंगज़ेब के आदेश पर अपवित्र किया गया, टूटा, उपेक्षित और भुला दिया गया यह मंदिर अब एक प्रतीक बन गया। पूरे भारत से 35,000 श्रद्धालु इसे फिर से जीवित करने के लिए एक साथ आए, सिर्फ़ धन से नहीं, आस्था से भी।
मार्च 2024
जुलाई 2024
मंदिर फिर से खड़ा हुआ
पाँच महीनों की अथक मेहनत के बाद भंडारा का मंदिर (RR1) फिर से शान से खड़ा हुआ। प्राचीन मंत्र लौटे, पूजा फिर शुरू हुई, और मंदिर गाँव को सौंप दिया गया। अब यह सिर्फ़ पूजा के लिए नहीं, बल्कि रक्षा के लिए भी उनका अपना है।
रामदूत बना फ़ाउंडेशन
जो एक ज्योति के रूप में शुरू हुआ, वह एक फ़ाउंडेशन बन गया। आदि शंकराचार्य और अहिल्याबाई होल्कर के पदचिह्नों से प्रेरित होकर रामदूत रिस्टोर्स का औपचारिक पंजीकरण हुआ, एक-एक मंदिर करके धर्म के पुनर्निर्माण का व्रत।
सितंबर 2024
नवंबर 2024
टीम रामदूत रिस्टोर्स का गठन
एक समर्पित टीम बनी: युवा, ज़मीन से जुड़ी और अडिग। उसका मिशन: भुला दिए गए स्थानों तक पहुँचना, पावन स्थलों का जीर्णोद्धार करना और उस व्यवस्था को फिर से जीवित करना जिसमें कभी मंदिर पूरे समुदाय को राह दिखाते थे।
जंगलों की ओर: हमारा दूसरा मंदिर, RR2
दूसरी परियोजना RR2 गुजरात के घने जंगलों में शुरू हुई, जहाँ 800 साल पुराना एक मंदिर मौन पड़ा था। पत्थर, मिट्टी और आस्था के साथ रामदूत रिस्टोर्स ने भूले-बिसरे को फिर से जीवित करने की अपनी अगली यात्रा शुरू की।
जनवरी 2025
मंदिर जीर्णोद्धार और हमारी संस्कृति को सहेजने वाले पावन कार्यों के लिए धन संग्रह।
हमारी दृष्टि
रामदूत रिस्टोर्स में हम सिर्फ़ मंदिर नहीं बना रहे, हम एक सभ्यता की आत्मा को फिर से जगा रहे हैं।
हमारा सपना एक ऐसे भारत का है जहाँ हर उपेक्षित मंदिर फिर से शान से खड़ा हो, जहाँ देश के हर कोने में मंदिर की घंटियाँ गूँजें, जहाँ समुदाय धार्मिक एकता की छाया में इकट्ठा हों, और जहाँ हमारे क्षेत्रों की पावन ऊर्जा देश की नैतिक और सांस्कृतिक रीढ़ को आकार दे।
